“उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 के लिए नई अप्रेंटिसशिप योजनाएं शुरू की हैं, जो युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी। इन योजनाओं का लक्ष्य लाखों युवाओं को उद्योगों से जोड़ना, MSME सेक्टर को बढ़ावा देना और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना है। यह पहल यूपी को भारत का स्किल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार क्रांति: नई अप्रेंटिसशिप योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए महत्वाकांक्षी अप्रेंटिसशिप योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के लाखों युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करना और बेरोजगारी की चुनौती से निपटना है। सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार की National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) और अन्य स्थानीय पहलों के साथ तालमेल बिठाया है।
योजनाओं का ढांचा और लक्ष्य
यूपी सरकार की नई अप्रेंटिसशिप योजनाएं विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, और निर्माण पर केंद्रित हैं। इन योजनाओं के तहत, युवाओं को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और कक्षा-आधारित सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2025 तक कम से कम 10 लाख युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स में शामिल करना है। इन प्रोग्राम्स में स्टाइपेंड की व्यवस्था भी की गई है, जो प्रति माह 1,500 रुपये से शुरू होकर उद्योग और ट्रेड के आधार पर बढ़ सकता है।
MSME सेक्टर पर विशेष ध्यान
यूपी में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर रोजगार का एक प्रमुख स्रोत है। सरकार ने इस सेक्टर को अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स का केंद्र बनाया है। MSME इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए, सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल किया है और अप्रेंटिसशिप लागत का 25% सब्सिडी के रूप में प्रदान करने की घोषणा की है। इससे छोटे उद्यमों को युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें रोजगार देने में आसानी होगी।
नए क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट
आधुनिक समय की मांग को ध्यान में रखते हुए, यूपी सरकार ने हरित ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर जोर दिया है। इन क्षेत्रों में स्किल की कमी को पूरा करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं, जो उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप हैं। उदाहरण के लिए, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से संबंधित ट्रेड्स में अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाए गए हैं।
पहल की प्रमुख विशेषताएं
पात्रता: 14 वर्ष से अधिक आयु और न्यूनतम 10वीं पास या ITI योग्यता।
अवधि: प्रोग्राम्स की अवधि 1 से 3 वर्ष तक।
लाभ: स्टाइपेंड, इंडस्ट्री-मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट, और रोजगार की संभावनाएं।
प्लेटफॉर्म: उम्मीदवार www.apprenticeshipindia.gov.in पर रजिस्टर कर सकते हैं।
लक्ष्य: यूपी को भारत का स्किल कैपिटल बनाना और युवा बेरोजगारी को कम करना।
प्राइवेट सेक्टर का सहयोग
यूपी सरकार ने Google, Cisco, और TeamLease जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की है, जो डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स प्रदान कर रही हैं। Google ने हाल ही में 2025 के लिए अपने 24-महीने के अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स की घोषणा की, जिसमें यूपी के युवाओं के लिए विशेष अवसर शामिल हैं।
चुनौतियां और समाधान
हालांकि ये योजनाएं आशाजनक हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। MSME इकाइयों में जागरूकता की कमी और कम पूर्णता दर प्रमुख समस्याएं हैं। सरकार ने इसके लिए जिला-स्तरीय उद्योग संघों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। साथ ही, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
यूपी के युवाओं के लिए अवसर
ये अप्रेंटिसशिप योजनाएं यूपी के युवाओं के लिए न केवल स्किल डेवलपमेंट का अवसर हैं, बल्कि यह उन्हें स्थायी रोजगार की दिशा में भी ले जाएंगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं, ये प्रोग्राम्स युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। सरकार का दावा है कि यह पहल यूपी को भारत का स्किल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों जैसे सरकारी वेबसाइट्स, न्यूज पोर्टल्स, और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स पर आधारित है। जानकारी को सटीक और ताजा रखने का प्रयास किया गया है, लेकिन पाठकों से अनुरोध है कि वे नवीनतम अपडेट्स के लिए आधिकारिक पोर्टल्स जैसे www.apprenticeshipindia.gov.in की जांच करें।