यूपी सरकार ने 2025 में एथलीट्स के लिए नई स्कॉलरशिप नीतियां शुरू की हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेंगी। ये स्कॉलरशिप्स ₹50,000 से ₹5 लाख तक की हैं, जो प्रशिक्षण, उपकरण और शिक्षा को सपोर्ट करती हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह सुनहरा मौका है। जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया।
उत्तर प्रदेश की नई खेल नीति: एथलीट्स के लिए स्कॉलरशिप के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में अपनी खेल नीति को मजबूत करते हुए एथलीट्स के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम्स की घोषणा की है, जो 2025 में लागू हो रहे हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। यह स्कॉलरशिप्स न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि प्रशिक्षण, उपकरण, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी समर्थन देती हैं।
स्कॉलरशिप की राशि और श्रेणियां
यूपी की खेल नीति के तहत स्कॉलरशिप्स को विभिन्न स्तरों पर बांटा गया है। जूनियर एथलीट्स के लिए ₹50,000 से ₹1 लाख तक की स्कॉलरशिप उपलब्ध है, जो स्कूल और कॉलेज स्तर के खिलाड़ियों को दी जाती है। सीनियर और राष्ट्रीय स्तर के एथलीट्स के लिए यह राशि ₹2 लाख से ₹5 लाख तक हो सकती है। विशेष रूप से, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त पुरस्कार और प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
पात्रता मानदंड
इन स्कॉलरशिप्स के लिए पात्र होने के लिए, खिलाड़ी को उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए और किसी मान्यता प्राप्त खेल संगठन से संबद्ध होना जरूरी है। इसके अलावा, राष्ट्रीय या राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी या पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड होना चाहिए। स्कूल स्तर के खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष और कॉलेज स्तर के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। शैक्षणिक प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्कॉलरशिप के लिए न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य हैं।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। इच्छुक एथलीट्स को यूपी खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के साथ खेल उपलब्धियों के प्रमाण, जैसे सर्टिफिकेट्स, और शैक्षणिक दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 15 नवंबर, 2025 है, और चयन प्रक्रिया में एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा।
महिलाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रावधान
इस नीति में महिलाओं और दिव्यांग एथलीट्स के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं के लिए 40% स्कॉलरशिप्स आरक्षित हैं, जबकि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग से ₹1 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। यह कदम समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
प्रशिक्षण और सुविधाएं
स्कॉलरशिप के साथ-साथ, यूपी सरकार ने लखनऊ, कानपुर, और नोएडा में हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए हैं। इन सेंटर्स में कोचिंग, फिजियोथेरेपी, और न्यूट्रिशन सपोर्ट जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय कोचों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
यूपी के खेल मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे मंचों पर देश का नाम रोशन करें। ये स्कॉलरशिप्स युवाओं को सपने पूरे करने का मौका देंगी।” हाल ही में, यूपी के एथलीट्स ने राष्ट्रीय खेलों में 35 मेडल्स जीते, जो इस नीति की शुरुआती सफलता को दर्शाता है।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि यह नीति आशाजनक है, विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और बुनियादी ढांचे की कमी इसे लागू करने में चुनौती हो सकती है। सरकार ने इसके लिए जिला स्तर पर खेल अधिकारियों को नियुक्त किया है, जो स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेंगे।
Disclaimer: यह लेख उत्तर प्रदेश खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हाल के समाचार रिपोर्ट्स, और विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित है। स्कॉलरशिप की राशि और शर्तें बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें।