“उत्तर प्रदेश में 2025 में शुरू होने वाले नए यूथ स्किल हब्स युवाओं को नौकरी और उद्यमिता के लिए तैयार करेंगे। ये केंद्र डिजिटल स्किल्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण पर जोर देंगे। सरकार का लक्ष्य 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना है, जिससे बेरोजगारी कम हो और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले।”
यूपी में युवाओं के लिए नए स्किल हब्स: 2025 का रोडमैप
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में यूथ स्किल हब्स की स्थापना की घोषणा की है, जो राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाने का एक महत्वाकांक्षी कदम है। ये स्किल हब्स तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जो विशेष रूप से डिजिटल अर्थव्यवस्था, ग्रीन टेक्नोलॉजी, और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में केंद्रित होंगे।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY 4.0) के तहत, ये हब्स आईआईटी, एनआईटी, और अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में प्रशिक्षण के लिए 600 से अधिक पाठ्यक्रम पुस्तिकाएं आठ क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवा लाभ उठा सकें। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर ध्यान दिया जाएगा।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 15-24 आयु वर्ग के 20% से अधिक युवा न तो शिक्षा में हैं और न ही रोजगार में। इन स्किल हब्स का उद्देश्य इस अंतर को पाटना है। लखनऊ, कानपुर, और वाराणसी जैसे शहरों में पहले चरण में 50 हब्स स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उदाहरण के लिए, वाराणसी में टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे, जबकि नोएडा में आईटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर जोर होगा।
इन हब्स में प्रशिक्षण के साथ-साथ अप्रेंटिसशिप के अवसर भी उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (PM-NAPS) के तहत, प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 1,500 रुपये तक का मासिक वजीफा मिलेगा। यह पहल न केवल स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने में भी मदद करेगी।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ये हब्स स्थानीय स्टार्टअप्स और एमएसएमई के साथ साझेदारी करेंगे, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को तुरंत रोजगार मिल सके। इसके अलावा, ग्रीन जॉब्स जैसे रिन्यूएबल एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कोर्स भी पेश किए जाएंगे, जो सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में योगदान देंगे।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन हब्स की सफलता प्रशिक्षकों की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे पर निर्भर करेगी। सरकार ने इस दिशा में एक लाख प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय पूल विकसित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, सभी प्रमाणपत्र नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप होंगे और डिजिलॉकर के साथ एकीकृत होंगे, जिससे उनकी मान्यता और उपयोगिता बढ़ेगी।
यूपी के मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक बयान में कहा, “हमारा लक्ष्य हर युवा को आत्मनिर्भर बनाना है। ये स्किल हब्स न केवल नौकरियां देंगे, बल्कि उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करेंगे।” यह पहल उत्तर प्रदेश को भारत की स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, सरकारी घोषणाओं, और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया गया है, लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स पर नवीनतम अपडेट्स की जांच करें।