“उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए 2025 में नए नियम लागू। ई-केवाईसी हर पांच साल में अनिवार्य, अपात्र लोगों को हटाने की प्रक्रिया तेज। ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस चेक आसान। जानें पात्रता, लाभ, और आवेदन के तरीके। राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा कदम।”
यूपी में राशन कार्ड 2025: ऑनलाइन फूड सिक्योरिटी के नए नियम
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में राशन कार्ड और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) 2013 के तहत, राशन कार्ड धारकों को अब हर पांच साल में ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। यह कदम राशन वितरण में पारदर्शिता लाने और अपात्र लोगों को हटाने के लिए उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी केवल जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
ई-केवाईसी की अनिवार्यता और प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग ने आदेश जारी किया है कि सभी राशन कार्ड धारकों को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध है। ई-केवाईसी न कराने पर राशन की आपूर्ति बंद हो सकती है। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड नंबर के साथ नजदीकी जन सेवा केंद्र या खाद्य विभाग के कार्यालय में संपर्क करना होगा।
राशन कार्ड के प्रकार और लाभ
यूपी में NFSA के तहत दो प्रकार के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं:
प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH): पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (3 किलो गेहूं, 2 किलो चावल) हर महीने रियायती दर पर मिलता है। गेहूं 2 रुपये प्रति किलो और चावल 3 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।
अंत्योदय अन्न योजना (AAY): सबसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 35 किलो अनाज (20 किलो चावल, 15 किलो गेहूं) हर महीने मिलता है।
ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस चेक
राशन कार्ड के लिए आवेदन अब ऑनलाइन आसान हो गया है। उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in) पर जाकर “ऑनलाइन सर्विसेज” के तहत नया राशन कार्ड आवेदन, सदस्य जोड़ने या हटाने, और स्टेटस चेक करने की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण, और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। आवेदन के बाद 15-30 कार्यदिवसों में राशन कार्ड जारी हो सकता है।
पात्रता और अपात्रता के नए नियम
2025 में सरकार ने पात्रता मानदंडों को और सख्त किया है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, वे NFSA के तहत राशन कार्ड के लिए पात्र हैं। अपात्र लोगों को हटाने के लिए सरकार ने ऑटो-इन्क्लूजन और एक्सक्लूजन क्राइटेरिया लागू किया है। जैसे, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, और बेरोजगार लोग AAY कार्ड के लिए पात्र हैं, जबकि आयकर दाता और सरकारी कर्मचारी अपात्र माने जाएंगे।
राशन वितरण में पारदर्शिता
सरकार ने राशन वितरण को और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल उपायों को बढ़ावा दिया है। फेयर प्राइस शॉप्स (FPS) पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-PoS) डिवाइसेज के जरिए आधार-लिंक्ड राशन वितरण हो रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि सही लाभार्थी को ही राशन मिले। साथ ही, बायोमेट्रिक सत्यापन से धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा रही है।
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नियम
यूपी सरकार ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का राशन कार्ड परिवार से अलग नहीं होगा। इससे परिवारों को बच्चों के लिए अलग राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया आसान होगी।
हेल्पलाइन और शिकायत निवारण
राशन कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर या ऑनलाइन ग्रievance पोर्टल (fcs.up.gov.in) का उपयोग कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए राशन कार्ड नंबर और आधार डिटेल्स की जरूरत होती है। सरकार ने समयबद्ध समाधान का वादा किया है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। राशन कार्ड नियमों, पात्रता, या आवेदन प्रक्रिया के लिए नवीनतम जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (fcs.up.gov.in) या नजदीकी खाद्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें।