यूपी में स्टार्टअप्स के लिए 2025 की टॉप 5 ग्रांट्स: अब जानें!

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“उत्तर प्रदेश सरकार 2025 में युवा उद्यमियों के लिए कई आकर्षक ग्रांट्स लेकर आई है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ₹5 लाख से ₹50 लाख तक की फंडिंग, मेंटरशिप और मार्केट एक्सेस जैसे अवसर उपलब्ध हैं। ये योजनाएं तकनीक, कृषि और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों को लक्षित करती हैं, जिससे यूपी का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा।”

यूपी में युवा उद्यमियों के लिए स्टार्टअप ग्रांट्स की नई लहर

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए कई महत्वपूर्ण ग्रांट्स और योजनाओं की घोषणा की है, जो नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ये योजनाएं न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन और मार्केट एक्सेस जैसे संसाधनों तक पहुंच भी सुनिश्चित करती हैं। नीचे 2025 में यूपी के स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध टॉप ग्रांट्स की जानकारी दी गई है।

1. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS):

इस स्कीम के तहत, यूपी में DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और मार्केट एंट्री के लिए ₹20 लाख तक की ग्रांट मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, स्केलिंग के लिए ₹50 लाख तक का फंड डेट-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से उपलब्ध है। 2021-2025 के लिए ₹945 करोड़ के कॉर्पस के साथ, यह योजना यूपी के टेक स्टार्टअप्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है।

2. यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2025:

उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग, सब्सिडाइज़्ड लोन और मार्केटिंग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस नीति के तहत, टियर 2 और टियर 3 शहरों से आने वाले स्टार्टअप्स को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। यह पॉलिसी यूपी के 670 से अधिक जिलों में स्टार्टअप्स को सपोर्ट करती है, जिससे ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

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3. बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट (BIG):

बायोटेक स्टार्टअप्स के लिए BIRAC की यह फ्लैगशिप स्कीम यूपी में हेल्थकेयर और एग्री-टेक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देती है। ₹50 लाख तक की गैर-रिपेयबल ग्रांट प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए दी जाती है। यूपी के युवा उद्यमी, विशेष रूप से स्टूडेंट्स और वीमेन इनोवेटर्स, इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।

4. नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशंस (NIDHI):

DST द्वारा शुरू की गई NIDHI योजना यूपी में स्टार्टअप्स को प्री-सीड और सीड फंडिंग प्रदान करती है। यह योजना टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन स्टार्टअप्स पर केंद्रित है और ₹10 लाख तक की प्रोटोटाइप ग्रांट देती है। यूपी में टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर्स (TBIs) के माध्यम से यह फंड वितरित किया जाता है, जो मेंटरशिप और इन्फ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट भी प्रदान करते हैं।

5. अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AICs):

AIM के तहत, यूपी में कई अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं, जो स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, फंडिंग और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करते हैं। ये सेंटर्स हेल्थकेयर, एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में ₹10 करोड़ तक की ग्रांट्स प्रदान करते हैं। यूपी में 708 AICs में से कई स्टार्टअप्स को इनोवेशन के लिए सपोर्ट मिल रहा है।

यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्टम की ताकत

उत्तर प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें टियर 2 और टियर 3 शहरों से 51% से अधिक स्टार्टअप्स उभर रहे हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे हब्स के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए, लखनऊ और कानपुर जैसे शहर भी स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहे हैं। इन ग्रांट्स के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य 2025 तक 1.57 लाख स्टार्टअप्स और 17.28 लाख नौकरियों को सपोर्ट करना है।

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आवेदन कैसे करें?

इन ग्रांट्स का लाभ उठाने के लिए स्टार्टअप्स को DPIIT के साथ रजिस्टर होना चाहिए। एक मजबूत बिजनेस प्लान, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट और टेक्निकल डिटेल्स के साथ आवेदन करना जरूरी है। Startup India Portal और संबंधित विभागों की वेबसाइट्स पर विस्तृत दिशानिर्देश उपलब्ध हैं। समय पर आवेदन और सटीक दस्तावेज़ जमा करने से स्वीकृति की संभावना बढ़ जाती है।

Disclaimer: यह लेख नवीनतम समाचारों, सरकारी वेबसाइट्स और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। फंडिंग योजनाओं की पात्रता और शर्तों को आवेदन से पहले सत्यापित करें।

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